कक्षा 10 › हिंदी पाठ्यक्रम-B

NCERT स्पर्श भाग 2 · काव्य · सुमित्रानंदन पंत · CBSE 2026–27

पर्वत प्रदेश में पावस

कविता में वर्षा ऋतु के दौरान पर्वतीय प्रकृति का बदलता रूप चित्रित है। बादल, धुंध, झरने और हरियाली दृश्य को गतिशील बनाते हैं; कवि मानो प्रकृति के अनेक रूप सामने रखता है।

पाठ का सार और केंद्रीय भाव

कविता में वर्षा ऋतु के दौरान पर्वतीय प्रकृति का बदलता रूप चित्रित है। बादल, धुंध, झरने और हरियाली दृश्य को गतिशील बनाते हैं; कवि मानो प्रकृति के अनेक रूप सामने रखता है।

मुख्य विचार

उत्तर लिखने का तरीका: प्रश्न का सीधा उत्तर दीजिए, पाठ की घटना/भाव से प्रमाण दीजिए और अंत में उसे मुख्य विचार से जोड़िए। अपने शब्दों में लिखें; पाठ की पंक्तियाँ लंबी न उतारें।

पढ़ने और समझने की गतिविधि

कविता से पाँच दृश्य-बिंब चुनिए और उन्हें क्रम में रखकर एक चित्र-श्रृंखला बनाइए।

यह मौलिक पुनरावृत्ति गतिविधि है। पाठ का पूरा अध्ययन और पुस्तक के दिए प्रश्न अपनी निर्धारित NCERT प्रति से करें।

हल किए गए CBSE/PYQ-शैली प्रश्न

नीचे दिए प्रश्न और उत्तर अभ्यास के लिए नए लिखे गए हैं; इन्हें पिछले वर्ष के प्रश्नों की हूबहू प्रतिलिपि न समझें।

प्रश्न 1

पर्वतीय प्रदेश में वर्षा से क्या परिवर्तन आते हैं?

बादल पहाड़ों को ढकते हैं, धुंध दृश्य बदलती है, झरने बहते हैं और हरियाली बढ़ जाती है। पूरा वातावरण गतिशील और ताजा लगता है।

प्रश्न 2

कवि ने प्रकृति को जीवंत कैसे बनाया है?

दृश्य, ध्वनि और मानवीकरण के सहारे पर्वत तथा बादलों को सक्रिय रूप में दिखाया गया है।

प्रश्न 3

कविता का प्रमुख काव्य-सौंदर्य क्या है?

चित्रात्मकता, प्रकृति के बदलते रूपों का क्रमिक वर्णन और ध्वनि-संवेदना पाठक के सामने वर्षा का दृश्य बना देते हैं।

स्व-मूल्यांकन

इस पाठ को CBSE 2026–27 पाठ्यक्रम और निर्धारित NCERT पुस्तक के अनुसार पढ़ें।