कक्षा 10 › हिंदी पाठ्यक्रम-B

NCERT स्पर्श भाग 2 · काव्य · मैथिलीशरण गुप्त · CBSE 2026–27

मनुष्यता

कविता मनुष्य होने का अर्थ परोपकार, करुणा और दूसरों के लिए जीने में खोजती है। केवल अपने लिए जीना पर्याप्त नहीं; सेवा और त्याग व्यक्ति को व्यापक मानव-समाज से जोड़ते हैं।

पाठ का सार और केंद्रीय भाव

कविता मनुष्य होने का अर्थ परोपकार, करुणा और दूसरों के लिए जीने में खोजती है। केवल अपने लिए जीना पर्याप्त नहीं; सेवा और त्याग व्यक्ति को व्यापक मानव-समाज से जोड़ते हैं।

मुख्य विचार

उत्तर लिखने का तरीका: प्रश्न का सीधा उत्तर दीजिए, पाठ की घटना/भाव से प्रमाण दीजिए और अंत में उसे मुख्य विचार से जोड़िए। अपने शब्दों में लिखें; पाठ की पंक्तियाँ लंबी न उतारें।

पढ़ने और समझने की गतिविधि

विद्यालय या समुदाय में किसी सहायता-कार्य का उदाहरण लेकर लिखिए कि उसमें कौन-सा मानवीय गुण दिखाई देता है।

यह मौलिक पुनरावृत्ति गतिविधि है। पाठ का पूरा अध्ययन और पुस्तक के दिए प्रश्न अपनी निर्धारित NCERT प्रति से करें।

हल किए गए CBSE/PYQ-शैली प्रश्न

नीचे दिए प्रश्न और उत्तर अभ्यास के लिए नए लिखे गए हैं; इन्हें पिछले वर्ष के प्रश्नों की हूबहू प्रतिलिपि न समझें।

प्रश्न 1

कविता के अनुसार सच्चा मनुष्य कौन है?

जो दूसरों के दुख को समझता है, सेवा करता है और अपने जीवन को व्यापक कल्याण से जोड़ता है, वही सच्चे अर्थ में मनुष्य है।

प्रश्न 2

कविता त्याग को क्यों महत्त्व देती है?

त्याग व्यक्ति को केवल अपने लाभ तक सीमित नहीं रहने देता। दूसरों के लिए किया गया कार्य मानवता को मजबूत बनाता है।

प्रश्न 3

कविता का केंद्रीय संदेश क्या है?

मानव जीवन का मूल्य परोपकार, करुणा और सामूहिक हित के लिए किए गए कर्मों से बढ़ता है।

स्व-मूल्यांकन

इस पाठ को CBSE 2026–27 पाठ्यक्रम और निर्धारित NCERT पुस्तक के अनुसार पढ़ें।