प्रश्न 1
मीरा की भक्ति की विशेषता क्या है?
उनकी भक्ति अनन्य, प्रेमपूर्ण और पूर्ण समर्पण वाली है। वे सामाजिक विरोध के बावजूद कृष्ण को अपना सर्वस्व मानती हैं।
NCERT स्पर्श भाग 2 · काव्य · मीराबाई · CBSE 2026–27
मीरा के पद कृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम और आत्मसमर्पण व्यक्त करते हैं। सांसारिक बंधनों और विरोध के बीच भी उनकी भक्ति अडिग रहती है; प्रियतम का स्मरण उनके जीवन का आधार है।
मीरा के पद कृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम और आत्मसमर्पण व्यक्त करते हैं। सांसारिक बंधनों और विरोध के बीच भी उनकी भक्ति अडिग रहती है; प्रियतम का स्मरण उनके जीवन का आधार है।
उत्तर लिखने का तरीका: प्रश्न का सीधा उत्तर दीजिए, पाठ की घटना/भाव से प्रमाण दीजिए और अंत में उसे मुख्य विचार से जोड़िए। अपने शब्दों में लिखें; पाठ की पंक्तियाँ लंबी न उतारें।
पदों में आए भक्त और आराध्य के संबंध को तीन शब्दों में बताइए और प्रत्येक के लिए पाठ से भाव-साक्ष्य दीजिए।
यह मौलिक पुनरावृत्ति गतिविधि है। पाठ का पूरा अध्ययन और पुस्तक के दिए प्रश्न अपनी निर्धारित NCERT प्रति से करें।
नीचे दिए प्रश्न और उत्तर अभ्यास के लिए नए लिखे गए हैं; इन्हें पिछले वर्ष के प्रश्नों की हूबहू प्रतिलिपि न समझें।
मीरा की भक्ति की विशेषता क्या है?
उनकी भक्ति अनन्य, प्रेमपूर्ण और पूर्ण समर्पण वाली है। वे सामाजिक विरोध के बावजूद कृष्ण को अपना सर्वस्व मानती हैं।
मीरा सांसारिक बंधनों से कैसे अलग दिखाई देती हैं?
वे प्रतिष्ठा और परिवार की अपेक्षाओं से अधिक अपने आध्यात्मिक विश्वास को महत्त्व देती हैं।
पदों में विरह का क्या महत्त्व है?
विरह प्रिय के प्रति गहरे प्रेम को उजागर करता है और भक्ति की तीव्रता को व्यक्त करता है।
इस पाठ को CBSE 2026–27 पाठ्यक्रम और निर्धारित NCERT पुस्तक के अनुसार पढ़ें।