कक्षा 10 › हिंदी पाठ्यक्रम-B

NCERT स्पर्श भाग 2 · काव्य · कबीर · CBSE 2026–27

साखी

कबीर की साखियाँ सहज भाषा और दृष्टांत से आत्मज्ञान, विनम्रता, प्रेम तथा बाहरी आडंबर से मुक्ति का संदेश देती हैं। वे मनुष्य को अपने भीतर झाँकने और अनुभव से सत्य पहचानने को कहते हैं।

पाठ का सार और केंद्रीय भाव

कबीर की साखियाँ सहज भाषा और दृष्टांत से आत्मज्ञान, विनम्रता, प्रेम तथा बाहरी आडंबर से मुक्ति का संदेश देती हैं। वे मनुष्य को अपने भीतर झाँकने और अनुभव से सत्य पहचानने को कहते हैं।

मुख्य विचार

उत्तर लिखने का तरीका: प्रश्न का सीधा उत्तर दीजिए, पाठ की घटना/भाव से प्रमाण दीजिए और अंत में उसे मुख्य विचार से जोड़िए। अपने शब्दों में लिखें; पाठ की पंक्तियाँ लंबी न उतारें।

पढ़ने और समझने की गतिविधि

एक साखी का भाव अपने शब्दों में लिखिए और उसके संदेश का एक आधुनिक जीवन-उदाहरण दीजिए।

यह मौलिक पुनरावृत्ति गतिविधि है। पाठ का पूरा अध्ययन और पुस्तक के दिए प्रश्न अपनी निर्धारित NCERT प्रति से करें।

हल किए गए CBSE/PYQ-शैली प्रश्न

नीचे दिए प्रश्न और उत्तर अभ्यास के लिए नए लिखे गए हैं; इन्हें पिछले वर्ष के प्रश्नों की हूबहू प्रतिलिपि न समझें।

प्रश्न 1

कबीर की साखियों की भाषा कैसी है?

भाषा सरल, लोक-प्रचलित और प्रभावशाली है। छोटे कथन, विरोध और दृष्टांत के कारण गहरी बात आसानी से समझ आती है।

प्रश्न 2

कबीर बाहरी आडंबर की जगह किसे महत्त्व देते हैं?

वे मन की शुद्धता, आत्मज्ञान, विनम्रता और सच्चे आचरण को महत्त्व देते हैं।

प्रश्न 3

साखियों से आज के विद्यार्थी को क्या सीख मिल सकती है?

दूसरों को दोष देने से पहले आत्मपरीक्षण करना, अहंकार छोड़ना और व्यवहार में सत्य तथा संयम अपनाना।

स्व-मूल्यांकन

इस पाठ को CBSE 2026–27 पाठ्यक्रम और निर्धारित NCERT पुस्तक के अनुसार पढ़ें।