कक्षा 10 › हिंदी पाठ्यक्रम-B

NCERT संचयन भाग 2 · पूरक · मिथिलेश्वर · CBSE 2026–27

हरिहर काका

हरिहर काका की जमीन पर रिश्तेदारों और धार्मिक संस्था की नजर है। उनकी संपत्ति के कारण स्नेह स्वार्थ में बदलता है; कहानी बुजुर्गों के अकेलेपन, संपत्ति-केंद्रित संबंधों और सामाजिक दिखावे पर सवाल उठाती है।

पाठ का सार और केंद्रीय भाव

हरिहर काका की जमीन पर रिश्तेदारों और धार्मिक संस्था की नजर है। उनकी संपत्ति के कारण स्नेह स्वार्थ में बदलता है; कहानी बुजुर्गों के अकेलेपन, संपत्ति-केंद्रित संबंधों और सामाजिक दिखावे पर सवाल उठाती है।

मुख्य विचार

उत्तर लिखने का तरीका: प्रश्न का सीधा उत्तर दीजिए, पाठ की घटना/भाव से प्रमाण दीजिए और अंत में उसे मुख्य विचार से जोड़िए। अपने शब्दों में लिखें; पाठ की पंक्तियाँ लंबी न उतारें।

पढ़ने और समझने की गतिविधि

कहानी के पात्रों की इच्छाओं का चार्ट बनाइए। हरिहर काका की स्वतंत्र इच्छा और दूसरों की मांगों के बीच अंतर लिखिए।

यह मौलिक पुनरावृत्ति गतिविधि है। पाठ का पूरा अध्ययन और पुस्तक के दिए प्रश्न अपनी निर्धारित NCERT प्रति से करें।

हल किए गए CBSE/PYQ-शैली प्रश्न

नीचे दिए प्रश्न और उत्तर अभ्यास के लिए नए लिखे गए हैं; इन्हें पिछले वर्ष के प्रश्नों की हूबहू प्रतिलिपि न समझें।

प्रश्न 1

हरिहर काका के प्रति परिवार का व्यवहार क्यों बदलता है?

उनकी जमीन और संपत्ति पर अधिकार पाने की इच्छा रिश्तेदारों के व्यवहार को प्रभावित करती है। स्नेह के पीछे स्वार्थ छिपने लगता है।

प्रश्न 2

धार्मिक संस्था की भूमिका पर कहानी क्या प्रश्न उठाती है?

कहानी दिखाती है कि धार्मिक भाषा का उपयोग भी संपत्ति और प्रभाव पाने के लिए किया जा सकता है। वह आस्था और स्वार्थ में अंतर समझने को कहती है।

प्रश्न 3

कहानी बुजुर्गों के अधिकारों के बारे में क्या संदेश देती है?

बुजुर्गों की संपत्ति, निर्णय और सम्मान पर उनका स्वयं का अधिकार होना चाहिए। परिवार को उनकी इच्छा का सम्मान करना चाहिए।

स्व-मूल्यांकन

इस पाठ को CBSE 2026–27 पाठ्यक्रम और निर्धारित NCERT पुस्तक के अनुसार पढ़ें।