प्रश्न 1
“गिन्नी का सोना” किस विचार को सामने लाता है?
यह आदर्शवादी मूल्य और व्यवहारिक जीवन के बीच संतुलन की जरूरत बताता है। केवल आदर्शों की बात करना पर्याप्त नहीं; उन्हें परिस्थिति में लागू करना भी चाहिए।
NCERT स्पर्श भाग 2 · गद्य · जाबिर हुसेन · CBSE 2026–27
इस पाठ में “गिन्नी का सोना” और “झेन की देन” के माध्यम से आदर्शवाद, व्यावहारिकता, मन की शांति और वर्तमान में जीने पर विचार है। बाहरी दौड़ के बीच भीतर का संतुलन और जीवन के मूल्य याद दिलाए जाते हैं।
इस पाठ में “गिन्नी का सोना” और “झेन की देन” के माध्यम से आदर्शवाद, व्यावहारिकता, मन की शांति और वर्तमान में जीने पर विचार है। बाहरी दौड़ के बीच भीतर का संतुलन और जीवन के मूल्य याद दिलाए जाते हैं।
उत्तर लिखने का तरीका: प्रश्न का सीधा उत्तर दीजिए, पाठ की घटना/भाव से प्रमाण दीजिए और अंत में उसे मुख्य विचार से जोड़िए। अपने शब्दों में लिखें; पाठ की पंक्तियाँ लंबी न उतारें।
दोनों खंडों के संदेशों की तुलना कीजिए—व्यवहारिक जीवन और मानसिक संतुलन। प्रत्येक के लिए दैनिक जीवन का उदाहरण लिखिए।
यह मौलिक पुनरावृत्ति गतिविधि है। पाठ का पूरा अध्ययन और पुस्तक के दिए प्रश्न अपनी निर्धारित NCERT प्रति से करें।
नीचे दिए प्रश्न और उत्तर अभ्यास के लिए नए लिखे गए हैं; इन्हें पिछले वर्ष के प्रश्नों की हूबहू प्रतिलिपि न समझें।
“गिन्नी का सोना” किस विचार को सामने लाता है?
यह आदर्शवादी मूल्य और व्यवहारिक जीवन के बीच संतुलन की जरूरत बताता है। केवल आदर्शों की बात करना पर्याप्त नहीं; उन्हें परिस्थिति में लागू करना भी चाहिए।
“झेन की देन” में शांति का स्रोत क्या है?
सजग होकर वर्तमान क्षण में रहना और मन को अनावश्यक भागदौड़ से विराम देना शांति का स्रोत बनता है।
दोनों अंशों को साथ पढ़ने से क्या सीख मिलती है?
जीवन में आदर्श, व्यवहारिकता और आंतरिक संतुलन एक-दूसरे के पूरक हैं। बाहरी सफलता के साथ मन की स्थिरता भी जरूरी है।
इस पाठ को CBSE 2026–27 पाठ्यक्रम और निर्धारित NCERT पुस्तक के अनुसार पढ़ें।