कक्षा 10 › हिंदी पाठ्यक्रम-B

NCERT स्पर्श भाग 2 · गद्य · निदा फ़ाज़ली · CBSE 2026–27

अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले

लेख मानव और प्रकृति के बीच घटते संवेदनशील संबंध पर विचार करता है। पक्षियों, पेड़ों और जीवों के जीवन में मनुष्य के हस्तक्षेप से करुणा के सिकुड़ने और साझा पर्यावरण के संकट का संकेत मिलता है।

पाठ का सार और केंद्रीय भाव

लेख मानव और प्रकृति के बीच घटते संवेदनशील संबंध पर विचार करता है। पक्षियों, पेड़ों और जीवों के जीवन में मनुष्य के हस्तक्षेप से करुणा के सिकुड़ने और साझा पर्यावरण के संकट का संकेत मिलता है।

मुख्य विचार

उत्तर लिखने का तरीका: प्रश्न का सीधा उत्तर दीजिए, पाठ की घटना/भाव से प्रमाण दीजिए और अंत में उसे मुख्य विचार से जोड़िए। अपने शब्दों में लिखें; पाठ की पंक्तियाँ लंबी न उतारें।

पढ़ने और समझने की गतिविधि

अपने मोहल्ले में मनुष्य और अन्य जीवों के सह-अस्तित्व का एक उदाहरण तथा एक समस्या दर्ज कीजिए। संभव समाधान सुझाइए।

यह मौलिक पुनरावृत्ति गतिविधि है। पाठ का पूरा अध्ययन और पुस्तक के दिए प्रश्न अपनी निर्धारित NCERT प्रति से करें।

हल किए गए CBSE/PYQ-शैली प्रश्न

नीचे दिए प्रश्न और उत्तर अभ्यास के लिए नए लिखे गए हैं; इन्हें पिछले वर्ष के प्रश्नों की हूबहू प्रतिलिपि न समझें।

प्रश्न 1

लेखक “दूसरे के दुख” में किनका दुख शामिल करता है?

इसमें मनुष्यों के साथ पशु-पक्षियों और प्रकृति की पीड़ा भी शामिल है। लेखक संवेदना को केवल मानव समाज तक सीमित नहीं रखते।

प्रश्न 2

मनुष्य और प्रकृति के बीच दूरी क्यों बढ़ती है?

स्वार्थपूर्ण विकास, शहरी जीवन और संसाधनों के अंधाधुंध उपयोग से मनुष्य अन्य जीवों के आवास और आवश्यकताओं को अनदेखा करता है।

प्रश्न 3

पाठ का पर्यावरणीय संदेश क्या है?

मनुष्य को प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व रखना चाहिए। छोटे व्यवहारिक बदलाव और जीवों के प्रति करुणा पर्यावरणीय संतुलन में मदद करते हैं।

स्व-मूल्यांकन

इस पाठ को CBSE 2026–27 पाठ्यक्रम और निर्धारित NCERT पुस्तक के अनुसार पढ़ें।