कक्षा 10 › हिंदी पाठ्यक्रम-A

NCERT क्षितिज भाग 2 · काव्य · तुलसीदास · CBSE 2026–27

राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

शिवधनुष टूटने के बाद परशुराम के क्रोध, लक्ष्मण के व्यंग्यपूर्ण प्रत्युत्तर और राम की विनम्रता से नाटकीय संवाद बनता है। अलग-अलग स्वभाव और भाषा-शैली प्रसंग को प्रभावशाली बनाते हैं।

पाठ का सार और केंद्रीय भाव

शिवधनुष टूटने के बाद परशुराम के क्रोध, लक्ष्मण के व्यंग्यपूर्ण प्रत्युत्तर और राम की विनम्रता से नाटकीय संवाद बनता है। अलग-अलग स्वभाव और भाषा-शैली प्रसंग को प्रभावशाली बनाते हैं।

मुख्य विचार

उत्तर लिखने का तरीका: प्रश्न का सीधा उत्तर दीजिए, पाठ की घटना/भाव से प्रमाण दीजिए और अंत में उसे मुख्य विचार से जोड़िए। अपने शब्दों में लिखें; पाठ की पंक्तियाँ लंबी न उतारें।

पढ़ने और समझने की गतिविधि

संवाद को तीन पात्रों के स्वर में पढ़िए। प्रत्येक के लिए दो भाषा-विशेषताएँ लिखिए और बताइए कि तनाव किस मोड़ पर बदलता है।

यह मौलिक पुनरावृत्ति गतिविधि है। पाठ का पूरा अध्ययन और पुस्तक के दिए प्रश्न अपनी निर्धारित NCERT प्रति से करें।

हल किए गए CBSE/PYQ-शैली प्रश्न

नीचे दिए प्रश्न और उत्तर अभ्यास के लिए नए लिखे गए हैं; इन्हें पिछले वर्ष के प्रश्नों की हूबहू प्रतिलिपि न समझें।

प्रश्न 1

परशुराम क्रोधित क्यों होते हैं?

शिवधनुष उनके आराध्य से जुड़ा था। उसके टूटने को वे अपमान और चुनौती की तरह लेते हैं, इसलिए सभा में रोष व्यक्त करते हैं।

प्रश्न 2

लक्ष्मण की वाणी का क्या प्रभाव पड़ता है?

उनके व्यंग्यपूर्ण उत्तर से परशुराम का क्रोध और भड़कता है, पर पाठ में हास्य भी पैदा होता है। इससे दोनों के स्वभाव का अंतर स्पष्ट होता है।

प्रश्न 3

राम का व्यवहार लक्ष्मण से कैसे अलग है?

लक्ष्मण तीखे और चुनौतीपूर्ण हैं, जबकि राम विनम्र, संयत और समाधानकारी हैं। राम का धैर्य संवाद को अंततः शांत करता है।

स्व-मूल्यांकन

इस पाठ को CBSE 2026–27 पाठ्यक्रम और निर्धारित NCERT पुस्तक के अनुसार पढ़ें।