कक्षा 10 › हिंदी पाठ्यक्रम-A

NCERT क्षितिज भाग 2 · काव्य · जयशंकर प्रसाद · CBSE 2026–27

आत्मकथ्य

कवि आत्मकथा लिखने की अपेक्षा पर संकोच और आत्मचिंतन व्यक्त करता है। निजी जीवन की वेदना, अपूर्ण इच्छाएँ और स्मृतियों की जटिलता कविता को संवेदनशील बनाती हैं।

पाठ का सार और केंद्रीय भाव

कवि आत्मकथा लिखने की अपेक्षा पर संकोच और आत्मचिंतन व्यक्त करता है। निजी जीवन की वेदना, अपूर्ण इच्छाएँ और स्मृतियों की जटिलता कविता को संवेदनशील बनाती हैं।

मुख्य विचार

उत्तर लिखने का तरीका: प्रश्न का सीधा उत्तर दीजिए, पाठ की घटना/भाव से प्रमाण दीजिए और अंत में उसे मुख्य विचार से जोड़िए। अपने शब्दों में लिखें; पाठ की पंक्तियाँ लंबी न उतारें।

पढ़ने और समझने की गतिविधि

कविता में “कहना” और “छिपाना” के भावों को अलग लिखिए। समझाइए कि मौन भी अभिव्यक्ति कैसे बनता है।

यह मौलिक पुनरावृत्ति गतिविधि है। पाठ का पूरा अध्ययन और पुस्तक के दिए प्रश्न अपनी निर्धारित NCERT प्रति से करें।

हल किए गए CBSE/PYQ-शैली प्रश्न

नीचे दिए प्रश्न और उत्तर अभ्यास के लिए नए लिखे गए हैं; इन्हें पिछले वर्ष के प्रश्नों की हूबहू प्रतिलिपि न समझें।

प्रश्न 1

कवि आत्मकथा लिखने में संकोच क्यों करता है?

उसे लगता है कि निजी जीवन की वेदना और स्मृतियाँ सरल वर्णन में पूरी तरह नहीं समा सकतीं। वह अपनी पीड़ा को प्रदर्शन की वस्तु बनाने से भी बचता है।

प्रश्न 2

कविता में स्मृति का स्वर कैसा है?

स्मृति में मधुरता और पीड़ा साथ हैं। बीते अनुभव वर्तमान में भावनात्मक हलचल पैदा करते हैं।

प्रश्न 3

शीर्षक “आत्मकथ्य” का अर्थ कविता में कैसे खुलता है?

शीर्षक आत्मकथा संबंधी विचार का संकेत देता है, पर कविता आत्मकथा लिखने से अधिक अपने मन के संकोच और पीड़ा को सामने लाती है।

स्व-मूल्यांकन

इस पाठ को CBSE 2026–27 पाठ्यक्रम और निर्धारित NCERT पुस्तक के अनुसार पढ़ें।