प्रश्न 1
संस्कृति और सभ्यता में मूल अंतर क्या है?
सभ्यता मुख्यतः बाहरी साधनों, तकनीक और जीवन-सुविधाओं से जुड़ी है। संस्कृति व्यक्ति के भीतर विकसित मानवीय मूल्य, विवेक और व्यवहार से पहचानी जाती है।
NCERT क्षितिज भाग 2 · गद्य · भदंत आनंद कौसल्यायन · CBSE 2026–27
निबंध संस्कृति और सभ्यता के अंतर पर विचार करता है। लेखक के अनुसार बाहरी साधन और तकनीकी उपलब्धियाँ सभ्यता का हिस्सा हैं, जबकि मानवीय संवेदना, विवेक और दूसरों के हित में काम करने की प्रवृत्ति संस्कृति को आकार देती है।
निबंध संस्कृति और सभ्यता के अंतर पर विचार करता है। लेखक के अनुसार बाहरी साधन और तकनीकी उपलब्धियाँ सभ्यता का हिस्सा हैं, जबकि मानवीय संवेदना, विवेक और दूसरों के हित में काम करने की प्रवृत्ति संस्कृति को आकार देती है।
उत्तर लिखने का तरीका: प्रश्न का सीधा उत्तर दीजिए, पाठ की घटना/भाव से प्रमाण दीजिए और अंत में उसे मुख्य विचार से जोड़िए। अपने शब्दों में लिखें; पाठ की पंक्तियाँ लंबी न उतारें।
अपने आसपास की दो तकनीकी सुविधाएँ चुनिए। लिखिए कि उनका मानवीय और सामाजिक उपयोग संस्कृति को कैसे प्रभावित कर सकता है।
यह मौलिक पुनरावृत्ति गतिविधि है। पाठ का पूरा अध्ययन और पुस्तक के दिए प्रश्न अपनी निर्धारित NCERT प्रति से करें।
नीचे दिए प्रश्न और उत्तर अभ्यास के लिए नए लिखे गए हैं; इन्हें पिछले वर्ष के प्रश्नों की हूबहू प्रतिलिपि न समझें।
संस्कृति और सभ्यता में मूल अंतर क्या है?
सभ्यता मुख्यतः बाहरी साधनों, तकनीक और जीवन-सुविधाओं से जुड़ी है। संस्कृति व्यक्ति के भीतर विकसित मानवीय मूल्य, विवेक और व्यवहार से पहचानी जाती है।
केवल तकनीकी उन्नति से समाज श्रेष्ठ क्यों नहीं बनता?
तकनीक सुविधा दे सकती है, पर उसका उपयोग स्वार्थ या विनाश के लिए भी हो सकता है। उसे मानवीय दिशा देने के लिए नैतिकता और संवेदना चाहिए।
लेखक संस्कृति को किससे जोड़ता है?
लेखक उसे मनुष्य के विचार, संयम, करुणा और समाज के कल्याण के लिए किए गए कार्यों से जोड़ता है।
इस पाठ को CBSE 2026–27 पाठ्यक्रम और निर्धारित NCERT पुस्तक के अनुसार पढ़ें।