कक्षा 10 › हिंदी पाठ्यक्रम-A

NCERT कृतिका भाग 2 · पूरक · अज्ञेय · CBSE 2026–27

मैं क्यों लिखता हूँ

लेखक अपने लेखन की आंतरिक प्रेरणा और सृजन-प्रक्रिया पर विचार करता है। लिखना उसके लिए केवल प्रसिद्धि या सूचना देना नहीं, भीतर के दबाव, अनुभव और सत्य को पहचानने का माध्यम है।

पाठ का सार और केंद्रीय भाव

लेखक अपने लेखन की आंतरिक प्रेरणा और सृजन-प्रक्रिया पर विचार करता है। लिखना उसके लिए केवल प्रसिद्धि या सूचना देना नहीं, भीतर के दबाव, अनुभव और सत्य को पहचानने का माध्यम है।

मुख्य विचार

उत्तर लिखने का तरीका: प्रश्न का सीधा उत्तर दीजिए, पाठ की घटना/भाव से प्रमाण दीजिए और अंत में उसे मुख्य विचार से जोड़िए। अपने शब्दों में लिखें; पाठ की पंक्तियाँ लंबी न उतारें।

पढ़ने और समझने की गतिविधि

किसी छोटी घटना पर 100 शब्द लिखिए। पहले तथ्य लिखें, फिर वह भाव या प्रश्न जो आपको लिखने के लिए प्रेरित करता है।

यह मौलिक पुनरावृत्ति गतिविधि है। पाठ का पूरा अध्ययन और पुस्तक के दिए प्रश्न अपनी निर्धारित NCERT प्रति से करें।

हल किए गए CBSE/PYQ-शैली प्रश्न

नीचे दिए प्रश्न और उत्तर अभ्यास के लिए नए लिखे गए हैं; इन्हें पिछले वर्ष के प्रश्नों की हूबहू प्रतिलिपि न समझें।

प्रश्न 1

लेखक के लिए लिखना क्यों आवश्यक है?

लेखन भीतर जमा अनुभवों और प्रश्नों को स्पष्ट करने का माध्यम है। लिखते हुए लेखक अपने अनुभव को समझता और उसका अर्थ खोजता है।

प्रश्न 2

क्या लेखन केवल पाठक को प्रभावित करने के लिए है?

नहीं। पाठ में लेखन का निजी और आत्मअन्वेषी पक्ष भी महत्त्वपूर्ण है; लेखक पहले अपने अनुभव के सत्य तक पहुँचने की कोशिश करता है।

प्रश्न 3

पाठ से लेखन के बारे में क्या सीख मिलती है?

प्रामाणिक लेखन सजावट से नहीं, ध्यानपूर्वक देखे गए अनुभव, स्पष्ट विचार और भाषा पर मेहनत से बनता है।

स्व-मूल्यांकन

इस पाठ को CBSE 2026–27 पाठ्यक्रम और निर्धारित NCERT पुस्तक के अनुसार पढ़ें।