कक्षा 10 › हिंदी पाठ्यक्रम-A

NCERT कृतिका भाग 2 · पूरक · शिवपूजन सहाय · CBSE 2026–27

माता का आँचल

यह संस्मरण ग्रामीण बचपन, पिता के साथ खेल और बीमारी के समय माँ की गोद में मिलने वाली सुरक्षा को याद करता है। बाल-मन की शरारत, घरेलू जीवन और मातृ-स्नेह जीवंत चित्रों से सामने आते हैं।

पाठ का सार और केंद्रीय भाव

यह संस्मरण ग्रामीण बचपन, पिता के साथ खेल और बीमारी के समय माँ की गोद में मिलने वाली सुरक्षा को याद करता है। बाल-मन की शरारत, घरेलू जीवन और मातृ-स्नेह जीवंत चित्रों से सामने आते हैं।

मुख्य विचार

उत्तर लिखने का तरीका: प्रश्न का सीधा उत्तर दीजिए, पाठ की घटना/भाव से प्रमाण दीजिए और अंत में उसे मुख्य विचार से जोड़िए। अपने शब्दों में लिखें; पाठ की पंक्तियाँ लंबी न उतारें।

पढ़ने और समझने की गतिविधि

बालक के अनुभवों में पिता और माता की भूमिकाओं की तुलना कीजिए—खेल, अनुशासन, सुरक्षा और स्नेह।

यह मौलिक पुनरावृत्ति गतिविधि है। पाठ का पूरा अध्ययन और पुस्तक के दिए प्रश्न अपनी निर्धारित NCERT प्रति से करें।

हल किए गए CBSE/PYQ-शैली प्रश्न

नीचे दिए प्रश्न और उत्तर अभ्यास के लिए नए लिखे गए हैं; इन्हें पिछले वर्ष के प्रश्नों की हूबहू प्रतिलिपि न समझें।

प्रश्न 1

शीर्षक “माता का आँचल” का भावार्थ क्या है?

आँचल माँ के स्नेह, सुरक्षा और अपनत्व का प्रतीक है। बीमारी और भय की स्थिति में बालक माँ की गोद में सबसे अधिक सुरक्षित महसूस करता है।

प्रश्न 2

पाठ में बचपन का वातावरण कैसा दिखाया गया है?

गाँव का खुला परिवेश, मित्रों के साथ खेल, शरारतें और परिवार की निकटता बचपन को सहज और जीवंत बनाते हैं।

प्रश्न 3

पिता और माता के स्नेह में क्या अंतर दिखाई देता है?

पिता बालक के खेल और बाहरी अनुभवों में सहभागी हैं; माँ का स्नेह विशेषतः संकट में सांत्वना और सुरक्षा देता है।

स्व-मूल्यांकन

इस पाठ को CBSE 2026–27 पाठ्यक्रम और निर्धारित NCERT पुस्तक के अनुसार पढ़ें।