कक्षा 10 › हिंदी पाठ्यक्रम-A

NCERT क्षितिज भाग 2 · काव्य · नागार्जुन · CBSE 2026–27

फसल

कविता फसल को अनेक प्राकृतिक और मानवीय शक्तियों का संयुक्त परिणाम बताती है। मिट्टी, पानी, सूर्य, हवा और किसान का श्रम मिलकर अन्न को जीवन देते हैं।

पाठ का सार और केंद्रीय भाव

कविता फसल को अनेक प्राकृतिक और मानवीय शक्तियों का संयुक्त परिणाम बताती है। मिट्टी, पानी, सूर्य, हवा और किसान का श्रम मिलकर अन्न को जीवन देते हैं।

मुख्य विचार

उत्तर लिखने का तरीका: प्रश्न का सीधा उत्तर दीजिए, पाठ की घटना/भाव से प्रमाण दीजिए और अंत में उसे मुख्य विचार से जोड़िए। अपने शब्दों में लिखें; पाठ की पंक्तियाँ लंबी न उतारें।

पढ़ने और समझने की गतिविधि

फसल बनने की प्रक्रिया का चक्र बनाइए और प्रत्येक चरण में प्रकृति तथा मनुष्य के योगदान को अलग रंग से दिखाइए।

यह मौलिक पुनरावृत्ति गतिविधि है। पाठ का पूरा अध्ययन और पुस्तक के दिए प्रश्न अपनी निर्धारित NCERT प्रति से करें।

हल किए गए CBSE/PYQ-शैली प्रश्न

नीचे दिए प्रश्न और उत्तर अभ्यास के लिए नए लिखे गए हैं; इन्हें पिछले वर्ष के प्रश्नों की हूबहू प्रतिलिपि न समझें।

प्रश्न 1

कविता के अनुसार फसल किन-किन के सहयोग से बनती है?

मिट्टी, पानी, सूर्य, हवा और किसान के श्रम के संयुक्त योगदान से फसल तैयार होती है। कोई एक तत्व अकेले पर्याप्त नहीं।

प्रश्न 2

कविता किसान के श्रम को किस तरह महत्त्व देती है?

प्राकृतिक साधनों के साथ किसान की मेहनत को भी फसल का अनिवार्य आधार बताती है। इससे उत्पादन के पीछे के मानवीय श्रम का सम्मान होता है।

प्रश्न 3

कविता का मुख्य संदेश क्या है?

अन्न को प्रकृति और श्रम की साझी देन समझकर उसका सम्मान करना चाहिए और भोजन की बर्बादी से बचना चाहिए।

स्व-मूल्यांकन

इस पाठ को CBSE 2026–27 पाठ्यक्रम और निर्धारित NCERT पुस्तक के अनुसार पढ़ें।