कक्षा 10 › हिंदी पाठ्यक्रम-A

NCERT क्षितिज भाग 2 · काव्य · नागार्जुन · CBSE 2026–27

यह दंतुरित मुस्कान

कवि शिशु की नई निकली दाँतों वाली मुस्कान में जीवन की ताजगी और अपनापन देखता है। बालक की सहज मुस्कान उदासी को दूर कर स्नेह और आशा जगाती है।

पाठ का सार और केंद्रीय भाव

कवि शिशु की नई निकली दाँतों वाली मुस्कान में जीवन की ताजगी और अपनापन देखता है। बालक की सहज मुस्कान उदासी को दूर कर स्नेह और आशा जगाती है।

मुख्य विचार

उत्तर लिखने का तरीका: प्रश्न का सीधा उत्तर दीजिए, पाठ की घटना/भाव से प्रमाण दीजिए और अंत में उसे मुख्य विचार से जोड़िए। अपने शब्दों में लिखें; पाठ की पंक्तियाँ लंबी न उतारें।

पढ़ने और समझने की गतिविधि

शिशु की मुस्कान के चित्रात्मक शब्दों को रेखांकित कीजिए और बताइए कि वे किस भाव को जगाते हैं।

यह मौलिक पुनरावृत्ति गतिविधि है। पाठ का पूरा अध्ययन और पुस्तक के दिए प्रश्न अपनी निर्धारित NCERT प्रति से करें।

हल किए गए CBSE/PYQ-शैली प्रश्न

नीचे दिए प्रश्न और उत्तर अभ्यास के लिए नए लिखे गए हैं; इन्हें पिछले वर्ष के प्रश्नों की हूबहू प्रतिलिपि न समझें।

प्रश्न 1

“दंतुरित मुस्कान” किसकी मुस्कान है?

यह छोटे शिशु की दाँत निकलने लगी सहज मुस्कान है। कवि उसमें जीवन की नई चमक और निष्कपटता देखता है।

प्रश्न 2

मुस्कान कवि पर क्या असर डालती है?

वह कवि के मन की उदासी और थकान को कम करती है। मुस्कान में अपनापन और भविष्य की आशा का अनुभव होता है।

प्रश्न 3

कविता में वात्सल्य कैसे व्यक्त होता है?

शिशु को देखने का स्नेहपूर्ण दृष्टिकोण, उसके छोटे हावभाव का सूक्ष्म वर्णन और आत्मीय संबोधन वात्सल्य प्रकट करते हैं।

स्व-मूल्यांकन

इस पाठ को CBSE 2026–27 पाठ्यक्रम और निर्धारित NCERT पुस्तक के अनुसार पढ़ें।