प्रश्न 1
कैप्टन को नेताजी की मूर्ति पर चश्मा लगाने की आवश्यकता क्यों लगती थी?
कैप्टन नेताजी को सम्मान और स्मरण के योग्य मानता था। मूर्ति पर चश्मा लगाकर वह प्रतीकात्मक रूप से उनकी दृष्टि और गरिमा को बनाए रखना चाहता था।
NCERT क्षितिज भाग 2 · गद्य · स्वयं प्रकाश · CBSE 2026–27
कहानी में एक साधारण चश्मेवाला नेताजी की मूर्ति पर चश्मा लगाकर उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करता है। हालदार साहब और कैप्टन की छोटी-सी भूमिका से देशभक्ति, नागरिक जिम्मेदारी और स्मृति का अर्थ खुलता है।
कहानी में एक साधारण चश्मेवाला नेताजी की मूर्ति पर चश्मा लगाकर उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करता है। हालदार साहब और कैप्टन की छोटी-सी भूमिका से देशभक्ति, नागरिक जिम्मेदारी और स्मृति का अर्थ खुलता है।
उत्तर लिखने का तरीका: प्रश्न का सीधा उत्तर दीजिए, पाठ की घटना/भाव से प्रमाण दीजिए और अंत में उसे मुख्य विचार से जोड़िए। अपने शब्दों में लिखें; पाठ की पंक्तियाँ लंबी न उतारें।
कहानी के तीन पात्रों—हालदार साहब, कैप्टन और बच्चों—की देशभक्ति को अलग-अलग उदाहरणों से तुलना करते हुए चार्ट बनाइए।
यह मौलिक पुनरावृत्ति गतिविधि है। पाठ का पूरा अध्ययन और पुस्तक के दिए प्रश्न अपनी निर्धारित NCERT प्रति से करें।
नीचे दिए प्रश्न और उत्तर अभ्यास के लिए नए लिखे गए हैं; इन्हें पिछले वर्ष के प्रश्नों की हूबहू प्रतिलिपि न समझें।
कैप्टन को नेताजी की मूर्ति पर चश्मा लगाने की आवश्यकता क्यों लगती थी?
कैप्टन नेताजी को सम्मान और स्मरण के योग्य मानता था। मूर्ति पर चश्मा लगाकर वह प्रतीकात्मक रूप से उनकी दृष्टि और गरिमा को बनाए रखना चाहता था।
कहानी का शीर्षक किस ओर संकेत करता है?
शीर्षक नेताजी की मूर्ति पर लगे चश्मे के बहाने समाज की दृष्टि और देश के प्रति जिम्मेदारी पर ध्यान खींचता है। यह कैप्टन की छोटी सेवा का भी प्रतीक है।
अंत में बच्चों का चश्मा लगाना क्यों महत्त्वपूर्ण है?
इससे पता चलता है कि संवेदना अगली पीढ़ी तक पहुँच सकती है। बच्चों का सहज कार्य कहानी में आशा का भाव पैदा करता है।
इस पाठ को CBSE 2026–27 पाठ्यक्रम और निर्धारित NCERT पुस्तक के अनुसार पढ़ें।