कक्षा 10 › हिंदी पाठ्यक्रम-B

NCERT स्पर्श भाग 2 · काव्य · रवींद्रनाथ ठाकुर · CBSE 2026–27

आत्मत्राण

कविता में कवि ईश्वर से संकट मिटाने की याचना नहीं करता; वह संकट का सामना करने का साहस माँगता है। यह आत्मनिर्भरता, विश्वास और भीतर की शक्ति का प्रार्थना-गीत है।

पाठ का सार और केंद्रीय भाव

कविता में कवि ईश्वर से संकट मिटाने की याचना नहीं करता; वह संकट का सामना करने का साहस माँगता है। यह आत्मनिर्भरता, विश्वास और भीतर की शक्ति का प्रार्थना-गीत है।

मुख्य विचार

उत्तर लिखने का तरीका: प्रश्न का सीधा उत्तर दीजिए, पाठ की घटना/भाव से प्रमाण दीजिए और अंत में उसे मुख्य विचार से जोड़िए। अपने शब्दों में लिखें; पाठ की पंक्तियाँ लंबी न उतारें।

पढ़ने और समझने की गतिविधि

“समस्या हटाने” और “समस्या का सामना करने की शक्ति” के बीच अंतर को अपनी पढ़ाई के एक उदाहरण से समझाइए।

यह मौलिक पुनरावृत्ति गतिविधि है। पाठ का पूरा अध्ययन और पुस्तक के दिए प्रश्न अपनी निर्धारित NCERT प्रति से करें।

हल किए गए CBSE/PYQ-शैली प्रश्न

नीचे दिए प्रश्न और उत्तर अभ्यास के लिए नए लिखे गए हैं; इन्हें पिछले वर्ष के प्रश्नों की हूबहू प्रतिलिपि न समझें।

प्रश्न 1

कवि ईश्वर से क्या नहीं माँगता?

कवि यह नहीं माँगता कि उसके जीवन से सभी संकट और दुख समाप्त कर दिए जाएँ। वह उनसे लड़ने का साहस चाहता है।

प्रश्न 2

शीर्षक “आत्मत्राण” का अर्थ क्या है?

इसका अर्थ है स्वयं की रक्षा या आत्मबल से संकट का सामना करना। कविता में भीतर की शक्ति विकसित करने की भावना है।

प्रश्न 3

कविता विद्यार्थी को क्या प्रेरणा देती है?

कठिन परीक्षा या असफलता से बचने की इच्छा के बजाय धैर्य, तैयारी और आत्मविश्वास से उसका सामना करना।

स्व-मूल्यांकन

इस पाठ को CBSE 2026–27 पाठ्यक्रम और निर्धारित NCERT पुस्तक के अनुसार पढ़ें।